
सरगुजा ओलंपिक 2025-26
विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिताएं 03 से 06 फरवरी तक होंगी आयोजित
मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण
सूरजपुर/29 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप और छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायपुर के निर्देशानुसार तथा जिला कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में सरगुजा ओलंपिक वर्ष 2025-26 का आयोजन सूरजपुर जिले के समस्त विकासखण्डों में किया जाएगा। विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन 03 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक किया जाना है। इसमें 10 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की तरह सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच मिलेगा।
सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है, जहां खेल के क्षेत्र में अपार नैसर्गिक प्रतिभा विद्यमान है। शासन द्वारा इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना, उनकी खेल एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को पहचानना तथा उन्हें भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार करना है।
सूरजपुर जिले के विकासखण्ड स्तर पर आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में तीरंदाजी (इंडियन राउंड 30 मीटर एवं 50 मीटर), कबड्डी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल तथा एथलेटिक्स शामिल हैं। एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो एवं 4×100 मीटर रिले दौड़ की स्पर्धाएं होंगी।
इसके अतिरिक्त कराते खेल में जूनियर बालक (14 से 15 वर्ष – 42 से 47 किलोग्राम, 16 से 17 वर्ष – 55 एवं 61 किलोग्राम), जूनियर बालिका (14 से 15 वर्ष – 42 से 47 किलोग्राम, 16 से 17 वर्ष – 53 किलोग्राम), सीनियर पुरुष (60 से 67 किलोग्राम) तथा सीनियर महिला (55 से 61 किलोग्राम) वर्ग में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
रस्साकसी प्रदर्शनात्मक खेल केवल महिला वर्ग के लिए होगा, जिसमें जूनियर एवं सीनियर वर्ग के लिए विभिन्न वेटग्रुप निर्धारित किए गए हैं।
कुश्ती एवं हॉकी खेल विधाओं में दलों की भागीदारी सीधे जिला स्तर से संभाग स्तर पर होगी। यह प्रतियोगिता दो आयु वर्गों—14 से 17 वर्ष तथा सीनियर वर्ग (जिसमें आयु सीमा नहीं होगी)—के लिए आयोजित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के सम्बन्ध में कहा कि जिस प्रकार बस्तर ओलंपिक में जनभागीदारी ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा अंचल पूरे उत्साह और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। उन्होंने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
सरगुजा ओलंपिक 2025-26 निश्चित रूप से आदिवासी अंचल की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और युवाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।











